एनआईटी राउरकेला में उत्साह से मनाया गया  हिंदी दिवस

एनआईटी राउरकेला में उत्साह से मनाया गया  हिंदी दिवस

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान(एनआईटी) , राउरकेला ने सफलतापूर्वक हिंदी दिवस 2024 का आयोजन किया। इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक और इसके उपरांत हिंदी साहित्य और कला के सम्मान में एक कवि सम्मेलनक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्थान के राजभाषा हिंदी सेल के द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जाने माने हिंदी के कविगण शामिल हुए। 

कार्यक्रम की शुरूआत बीबी सभागार के परिसर में रित्विक क्लब के विद्यार्थियों द्वारा आयोजित एक नुक्कड़ नाटक के  साथ हुई। इस नाटक के शीर्षक का सारांश विफतलाओं का सामना कर जिंदगी में आगे बढ़ना था। इस नाटक मंचन के बाद बीबी सभागार में कवि सम्मेलन का कार्यक्रम शुरू किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन में मुख्य अतिथि के तौर पर प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार डॉ. संजय पंकज शामिल हुए।

संस्थान के राजभाषा कार्यान्वयन समिति के सचिव श्री रबि शंकर सिंह ने सभी उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का स्वागत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया । कई पुरस्कारों और प्रतिष्ठित अवार्ड से सम्मानित डॉ पंकज ने हिंदी दिवस पर सभी को शुभकामनाएँ देते हुए कहा – “हिंदी भारत की बोली है, इसे पनपने दें, इसे अपने संस्कार में ढालें और गर्व से अपनाएं। हिंदी भाषा के विकास के लिए गति, निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ और अधिक काम किए जाने की आवश्यकता है। आज विश्वभर के अनेक विश्वविद्यालयों में हिंदी की पढ़ाई होती है । हम विश्व हिंदी दिवस भी मनाते हैं क्योंकि दुनियाभर के लोग इस भाषा और इससे जुड़ी संस्कृति और साहित्य को जानने के लिए उत्सुक हैं। जैसे भारत आज एक बड़ा बाजार बनता जा रहा है वैसे ही हिंदी का प्रयोग भी बढ़ता जा रहा है। आशा करता हूँ कि सभी अपनी मातृभाषा के प्रति समर्पित हों और इसका बहुमूल्य स्वाद लें, सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएँ!”

संस्थान के निदेशक प्रो. के. उमामहेश्वर राव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा -  "भाषा विभिन्नता में एकता लाती है। हिंदी भाषा सीखना इसलिए आसान है क्योंकि इसकी प्रकृति वैज्ञानिक है। इसमें हम जो बोलते हैं, वही लिखते हैं और वही पढ़ते है। जबकि, अंग्रेजी में जरूरी नहीं कि जो लिखा गया है उसका उच्चारण भी वैसा ही हो। मैं सभी उपस्थित कवियों को यहाँ आने के लिए धन्यवाद देता हूँ और सभी को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।”

संस्थान के कुलसचिव प्रो. रोहन धीमान ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि भारत सरकार भारतीय भाषाओं के विकास के लिए जो कार्य कर रही है वह सराहनीय है। उन्होंने एनआईटी राउरकेला के हिंदी सेल को समय-समय पर हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए प्रंशसा की और हिंदी पखवाड़ा के सभी कार्यक्रमों का सफलतारपूर्वक प्रबंधन करने के लिए बधाई दी।

उद्घाटन समारोह के बाद कवि सम्मेलन शुरू हुआ जहाँ पर प्रसिद्ध कवियों ने अपनी रचनाओं के पाठ से समा बाँध दिया। डॉ. कृष्ण कुमार प्रजापति, डॉ. संजय पंकज, श्रीमती उषा अग्रवाल, श्री अजय प्रजापति, डॉ. मधुसूदन साहा और श्रीमती शालू चौधरी ने अपनी रचनाओं में हास्य, व्यंग, प्रेम आदि भावनाओं का रंग पिरोया और दर्शकों की वाहवाही समेटी। कलाम क्लब के छात्र कवि मो. सैफ़, चिन्मय श्रीवास्तव, बिष्णुकांत मिश्रा, अनुज शुक्ल और प्रवेंद्र अनुरागी  ने भी अपनी कविताएं और शायरी प्रस्तुत की। 

कार्यक्रम का समापन हिंदी पखवाड़े के दौरान आयोजित स्पर्धाओं के विजेताओं को पुरस्कार वितरण से किया गया। हिन्दी पखवाड़ा के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था -
• वाद-विवाद "आधुनिक जीवन की दौड़ का अंत क्या होगाः सुखमय या विनाशकारी?" 
• तस्वीर क्या बोलती है 
• हिंदी अनुवाद 
• प्रश्नोत्तरी